रेलकर्मचारियों के लिए खुशखबरी, शिवगोपाल मिश्रा ने दिया सरकार को 31 जनवरी तक का अल्टीमेटम

नागपुर।रेलकर्मचारियों के लिए संघर्ष करने की एक और तारीख मिली है।अब 31 जनवरी के बाद कभी भी एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा संघर्ष का बिगुल फूंक सकते हैं।इसकी बकायदा उन्होंने सेंट्रल रेलवे श्रमिक यूनियन के यहां आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में घोषणा की।उन्होंने कहा कि एआईआरएफ की वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले सरकार ने मांगें नहीं मानी तो हम बड़ा फैसला ले सकते हैं।
मिश्रा ने कहा कि निजीकरण का खतरा टला नहीं है।रेलवे को छोटे छोटे टुकड़ों में बांटा जा रहा है।उन्हें पता है कि रेलवे का एकसाथ निजीकरण सम्भव नहीं है इसीलिए ऐसा किया जा रहा है।
महामंत्री ने माना कि वर्क टू रूल को अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था लेकिन जिस प्रकार की गम्भीरता उन्हें दिखाई,उसमें कमी है।उन्होंने कहा कि रेलमंत्री के पास अभी भी ट्रैकमैनों से जुड़ी 10,20,20,50 और रनिंग एलाउंस के साथ तमाम फाइलें आज भी रुकी पड़ी हैं।पुरानी पेंशन बहाली का रास्ता आज भी साफ नहीं हो सका है। इन्ही सब मसलों को लेकर हम 31 जनवरी तक का इंतजार कर रहे हैं।यदि इससे पहले इन पर निर्णय नहीं हुआ तो एआईआरएफ की वर्किंग कमेटी की मीटिंग में हम एक बड़ा और सख्त फैसला लेंगे।
फिलहाल रेल कर्मचारियों को एक बार फिर खुश होना चाहिए कि महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा अब एक बार फिर संघर्ष के लिए तैयार हो गए हैं।रेलवार्ता भी 31 जनवरी तक इंतजार में है कि सरकार ने नेताजी की संघर्ष की धमकी के बाद कितनी मांगे मान ली हैं।चलिए मान्यता के चुनावों के नजदीक ही सही,रेलकर्मचारियों को उनके हक के लिए नेताजी ने एक बड़ी घोषणा तो कर ही दी।

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2 comments

  1. It cant be done by AIRF
    Impossible

  2. Pata nai inka date kab pura hogs
    Ek date fail hits nai ki dusra date de date hai

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