स्टेशन पर आर आर संचालकों की गुण्डागर्दी,टीटीई को बेरहमी से पीटा

0
1342

रेल प्रशासन के सरंक्षण में फले-फूले स्टेशन पर संचालित आर आर भोजनालय के मालिक अब गुण्डागर्दी पर उतारू.स्टेशन डायरेक्टर गिरीश कंचन व दुर्गेश दुबे ने अपने पद की गरिमा को एकतरफ रख इसके संचालकों को बिना किसी रोक-टोक के अवैध वैंडरों से लेकर स्टेशन के चारों ओर व्यापार करने की अनुमति दी हुई थी। आज भी इसके संचालक जमकर मनमानी कर रहे हैं। 

एक एप में समाया सारा जहां….रेलवार्ता एप।
अब आप भी जुड़े रहिये रेलवे की खबरों से साथ ही देश-विदेश की अन्य खबरों से। गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाऊनलोड कीजिये रेलवार्ता एप। जिसमें आप पायेगें रेलवे की नौकरियों से लेकर अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारियां। इसके अलावा एप के नीचे दिये गये लिंक के जरिये टिकट बुक करने, पीएनआर चैक करने के अलावा सफर के दौरान अपनी सीट पर गर्मागर्म खाने का आर्डर के अलावा यात्रा के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिये आप रेलमंत्री को व्टीट भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप इस एप के जरिये कई अन्य ऐसी जानकारियां पा सकते हैं जो आपको कहीं नहीं मिलेंगी।

झांसी। पूर्व सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे के सरंक्षण में फले-फूले स्टेशन पर संचालित आर आर भोजनालय के मालिक अब गुण्डागर्दी पर उतारू हो गये हैं। बीते दिनों खाने को लेकर संचालकों ने टीटीई व मेंस यूनियन के नेता आदित्य कुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की। सूत्रों का दावा है कि प्रशासनिक संरक्षण में चल रहे इस रेस्ट्रारेंट के संचालक आये दिन यात्रियों के साथ भी लेन-देन को लेकर दुव्र्यवहार करते हैं। इसके अलावा स्टेशन पर इनके द्वारा जमकर अवैध वैंडरी कराई जा रही है।
गौरतलब है कि पूर्व सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे ने इसके संचालकों को जमकर संरक्षण दिया हुआ था। एक करोड़ रूपये से ज्यादा लाईसेंस फीस बकाया होने के बाद भी इस पर ताला नहीं लगाया गया। सूत्रों का रेलवार्ता से कहना था कि स्टेशन डायरेक्टर गिरीश कंचन व दुर्गेश दुबे ने अपने पद की गरिमा को एकतरफ रख इसके संचालकों को बिना किसी रोक-टोक के अवैध वैंडरों से लेकर स्टेशन के चारों ओर व्यापार करने की अनुमति दी हुई थी। आज भी इसके संचालक जमकर मनमानी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि उत्तर मध्य रेलवे के सीसीएम के निरीक्षण के दौरान इसके संचालकों की पोल खुली थी कि यह लोग एक करोड़ रूपये की लाईसेंस फीस बकाया होने के बाद भी धंधा कर रहे हैं। उन्होने तुरंत एयह राशि जमा कराने के आदेश तत्कालीन सीनियर डीसीएम को दिये। इसके बाद भी उनके कान में जूं तक नहीं रेंगीं। कुछ समय बाद आगरा से स्थानान्तरण होकर आये नये डीसीएम नीरज भटनागर ने दबाव देकर 50 लाख रूपये की लाईसेंस फीस को जमा करवाया।
रेल प्रशासन के संरक्षण में फले-फूले इसके संचालक अब रेल कर्मचारियों के ऊपर भी हाथ उठाने से परहेज नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उस वक्त प्रकाश में आया जब दबंगई में अंधे हो चुके भोजनालय संचालकों ने टीटीई आदित्य कुमार के साथ मारपीट कर दी। गौरतलब है कि आदित्य मेंस यूनियन के नेता भी हैं साथ ही इनको एक व्यवहारकुशल कर्मचारी के रूप मे जाने जाते हैं।
जीआरपी ने आर आर भोजनालय के संचालक मनोज यादव, विशाल ठाकुर और उनके सहयोगियों के खिलाफ धारा 147, 323, 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

 

LEAVE A REPLY