एनपीएस पर गरजे कर्मचारी,लेकिन रेलवे के फेडरेशन एआईआरएफ पर भरोसा नहीं!

नईदिल्ली। नई पेंशन योजना को रद्ध करने के लिये देश भर के केन्द्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों ने बीते दिनों रामलीला मैदान में जमकर हुकंार भरी। हालांकि इसका सरकार पर कोई असर पड़ा हो ऐसा अभी नजर नहीं आ रहा है। फिर भी जिस तरह से यह कर्मचारी भीषण गर्मी की परवाह नहीं करते हुये शामिल हुये उससे सरकार के कानों पर इनकी गूंज जरूर सुनाई देगी। वहीं दूसरी ओर कुछ दिनों पूर्व हुये रेलवे के सबसे बड़े फेडरेशन के ऐसे ही आंदोलन को जिस प्रकार कर्मचारियों ने नकारा था उससे एक बात तो साफ हो गई कि अब एनपीएस के नाम पर कम से कम रेलवे के फेडरेशन कर्मचारियों को गुमराह नहीं कर सकते।
प्रांत और भाषा की विभिन्नता को पुरानी पेंशन बहाली की मांग ने एक सूत्र में पिरो दिया। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के बैनर तले पूरब और पश्चिम तथा उत्तर और दक्षिण का संगम दिल्ली के रामलीला मैदान में देखने को मिला। सिर एक टोपी और जुबां पर एक मांग-पुरानी पेंशन, पुरानी पेंशन। देश के कोने-कोने से आए हजारों सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए रामलीला मैदान में आवाज बुलंद की और सरकार को चेताया कि यदि उनकी मांग को अनसुना किया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ा व व्यापक आंदोलन होगा तथा जरूरत पड़ी तो सरकारी मशीनरी ठप कर दी जाएगी।
पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग को लेकर नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) ने 30 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन करने की घोषणा की थी। रैली में भाग लेने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों कर्मचारी रामलीला मैदान में जुटे। कर्मचारियों का सैलाब देखकर स्थानीय प्रशासन के होश उड़ गए। वहीं रैली में जुटी भारी भीड़ से उत्साहित नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी इसे कर्मचारियों के लिए आर्थिक व सामाजिक न्याय बताया है। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि कैसे एक दिन के लिए भी विधायक या सांसद बनने वाला कैसे जीवन भर की पेंशन का हकदार बन जाता है? संगठन के उपाध्यक्ष सरदार सुखजीत सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मचारी देश के निर्माण में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है फिर भी उसके साथ में छलावा किया जा रहा है।
रैली को संगठन के सेक्रेटरी रितेश खांडेकर, शांताराम तेजा, दिल्ली प्रभारी मनजीत सिंह पटेल, हरियाणा के विजेंद्र धारीवाल सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम कर्मचारियों का हक है और वे इसे हासिल करके ही दम लेंगे। देश में 1 अप्रैल 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की अलग-अलग तिथियों में पुरानी पेंशन स्कीम समाप्त कर दी गई और उन्हें न्यू पेंशन स्कीम के दायरे में शामिल कर दिया। न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारियों के हितों में नहीं है और इससे उनका शोषण भी हो रहा है। वक्ताओं ने सरकार को चेताया कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो भविष्य में बड़ा और व्यापक आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो सरकारी मशीनरी को भी ठप कर दिया जाएगा।
रैली में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों के अनेक कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, व सदस्य, सरकारी कर्मचारी, अधिकारी व शिक्षक शामिल हुए। रैली की अध्यक्षता करते हुए नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के मुख्य सलाहकार नरेश ठाकुर ने रैली की सफलता के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं इस रैली ने साफ कर दिया कि अब एनपीएस के खिलाफ कर्मचारी लामबंद हो गये हैं। लेकिन यही कर्मचारी रेलवे के फेडरेशन एआईआरएफ पर कतई भरोसा नहीं करते हैं। हाल ही में कर्मचारियों ने इसके आंदोलन से किनारा कर इसे साबित भी कर दिया। दरअसल कर्मचारी कहीं न कहीं इस फेडरेशन को रेलवे के अंदर एनपीएस लागू करने का दोषी मानतें हैं।

 

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2 comments

  1. Purani pension chalu karo Hamari Mange puri karo

  2. Dear sir I read all ur post, but I see that u alway writing about railways one union AIRF . ur post is related about to degrade AIRF.Its mean that the other railway union NFIR is better,is that true or u r from that union.

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