गर्मी में भड़केगी एनपीएस के खिलाफ आग,30 अप्रैल को दिल्ली में जुटेंगे कर्मचारी

नई दिल्ली। नई पेंशन योजना को लेकर एक बार फिर जंग का मैदान सजने जा रहा है। 30 अप्रैल को नई दिल्ली के रामलीला मैदान पर पहली बार केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कर्मचारी संयुक्त रुप से इसके खिलाफ आवाज बुलंद करने जा रहे हैं। रेलवे के अंदर फेडरेशन की वायदाखिलाफी के चलते पहले से व्यथित रेल कर्मचारी अब एक बार फिर इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने जा रहे हैं।
गौरतलब है कि रेलवे के अंदर कर्मचारी नई पेंशन योजना को लेकर काफी उद्देलित है। हाल ही में रेलवे के सबसे बड़े संगठन एआईआरएफ में इसके खिलाफ आवाज बुलंद की थी। लेकिन रेलवार्ता द्वारा यह खुलासा करने के बाद कि रेलवे के अंदर एनपीएस एआईआरएफ की सहमति से ही लागू हुई थी इसके बाद कर्मचारियों ने इस संगठन के आंदोलन से अपनी दूरी बना ली थी। कर्मचारियों की अविश्वास के कारण बहुत ही कम संख्या में कर्मचारी एआईआरएफ के धरने में जुटे। अब एक बार फिर नई पेंशन योजना को लेकर पहली बार केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी 30 अप्रैल को आंदोलन करने जा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि कर्मचारी अब स्वयं इस योजना के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। पूरे देश से राज्य व केंद्र सरकार की कर्मचारी इस आंदोलन को लेकर काफी दिनों से तैयारी कर रहे हैं।
गर्मी के मौसम में देश के लाखों कर्मचारियों के पारे को और बढ़ा दिया है। बुढ़ापे की लाठी को सरकार से हासिल करने के लिए 30 अप्रैल 2018 को राजधानी के रामलीला मैदान में कर्मचारी संगठन लामबंद हो गए हैं। इस आंदोलन की धुरी ‘अटेवा’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया है कि देश के लगभग 48 लाख कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना से वंचित हैं। उनका बुढ़ापा असुरक्षित है। सरकार न्यू पेंशन स्कीम के नाम पर कर्मचारियों का शोषण कर रही है। पुरानी पेंशन योजना में यदि इतनी ही खामियां है तो एक दिन के लिए ही विधायक और सांसद बनने वाले कैसे जीवन भर की पेंशन के हकदार बन जाते हैं। जबकि सरकारी मुलाजिम अपने जीवन के बेहतरीन साल सरकारी सेवा में गुजार देता है और बुढ़ापे में सरकार उसे ठेंगा दिखाने की ठान चुका है। यह स्वीकार्य नहीं है। लाखों कर्मचारी अब यह शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे। पुरानी पेंशन उनका अधिकार है। हम सरकार से अधिकार मांग रहे हैं भीख नहीं। उन्होंने कहा है कि 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारी 30 अप्रैल को दिल्ली में अपनी उपस्थिति अवश्य सुनिश्चित करें और अपने परिजनों की दुआएं भी साथ लाएं। 30 अप्रैल को रामलीला मैदान में सरकारी कर्मचारियों की गर्जना ऐसी होनी चाहिए कि सरकार उनकी मांगों को मानने पर विवश हो जाए। आंदोलन की सफलता और रणनीति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने साफ किया कि इस आंदोलन के लिए विगत कई माह से देश के कोने-कोने से पेंशनविहीन साथियों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी समर्थन का आश्वासन व सहमति पत्र दिया है। ऐसे में आंदोलन की सफलता सुनिश्चित है। हम सरकार से पुरानी पेंशन हासिल कर कर्मचारियों को उनके बुढ़ापे का सम्मान दिलाने में अपना सर्वस्य झोंक देंगे।
वहीं दूसरी ओर फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस के तहत रेल कर्मचारियों को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए आह्वान किया जा रहा है। दरअसल जिस तरह से हाल ही में एआईआरएफ का आंदोलन इस मुद्दे पर जिस तरह टांय-टांय फुस्स हुआ था उसको देखकर इस आंदोलन के आयोजकों के ऊपर भीड़ इकट्ठा करने का भारी दवाब है। निश्चित रूप से एनपीएस कर्मचारियों के लिए किसी कलंक से कम नहीं है।ऐसे में इसका खात्मा होना काफी जरूरी है। इसके खिलाफ होने वाले आंदोलन में रेलवार्ता पूरी तरह से साथ है।

 

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One comment

  1. Pramod Kumar Singh

    OPS jaruri hai.ye budhapa ka Shara hai.NPS me retirement ke bad kya Milne wala ye share market pr depend hai.i request government budhape ka Sahara wapis kro .ye jayaj aur hqe hai.

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