विरोधियों के मंसूबे फेल,एनसीआरईएस के मण्डल अध्यक्ष और सीटीआई ने मिलाया हाथ

झांसी।गतिमान एक्सप्रेस के टीटीई व एनसीआरईएस के मण्डल अध्यक्ष रामकुमार सिंह के बीच हुए विवाद का आज पटाक्षेप हो गया।इससे दूसरी यूनियनों के मंसूबों पर तो पानी फिरा ही साथ ऐसे असमाजिक तत्वों को भी धक्का लगा जो निजी लड़ाई के लिए यूनियनों को इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटते हैं।
गौरतलब है कि बीते दिनों ग्वालियर से झांसी आते समय यूनियन के कार्ड पास पर फोटो नहीं होने पर गतिमान एक्सप्रेस के टीटीई ऋषिकेश मीणा का एनसीआरईएस के मण्डल अध्यक्ष रामकुमार सिंह का कथित रूप से विवाद हो गया था।इसके बाद कथित बदसलूकी को लेकर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन पर जमकर प्रदर्शन किया था। बाद में किसी तरह सुरक्षा बलों ने मामले को शांत कराया।इसके बाद दोनों ने आपस मे बात कर मामले को रफा दफा कर दिया।
सूत्रों ने रेलवार्ता को बताया कि यह बात विरोधी यूनियन को हजम नहीं हुई।फिर इस मामले को राजनीतिक रूप देने की साजिश रची गई ताकि आगामी मान्यता के चुनावों में मीणा समाज के कर्मचारियों के वोट थोक में ले सकें। एक ऐसा मामला जो शांत हो चुका था अचानक से इसे तूल दे दिया गया। कुछ चैकिंग स्टाफ के कर्मचारियों ने एनसीआरईएस के साथ ही मण्डल अध्यक्ष रामकुमार सिंह के मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।ताकि चैकिंग स्टाफ को आत्मसम्मान के नाम पर एनसीआरईएस से दूर किया जा सके।
हालांकि यह पूर्व नियोजित प्रदर्शन रफ्तार नही पकड़ सका।दरअसल जिस टीटीई को सूत्रधार बनाकर आंदोलन किया जा रहा था वही टीटीई पूर्व में चैकिंग स्टाफ में बेहद सम्मानित सीटीआई मनोज निगम के साथ भी बदसलूकी कर चुका था।इसके अलावा एक अन्य सीटीआई भी उसका शिकार हो चुका था।तब शायद किसी भी चैकिंग स्टाफ ने उसके खिलाफ एक शब्द भी बोलना उचित नहीं समझा था।
फिलहाल चारों तरफ से घिरता देख ऐसे नेताओं ने इस मामले से पीछे हटने का फैसला किया तभी से आपसी समझौते की पटकथा लिखी जाने लगी थी।आज संयोगवश रामकुमार सिंह व टीटीई ऋषिकेश मीणा का आमना सामना फिर गतिमान एक्सप्रेस में हो गया।दोनों के बीच अकेले में सौहार्द पूर्ण बातचीत हुई।इसमें दोनों ने आपसी मतभेद सुलझा लिए।इसके बाद ऋषिकेश मीणा एनसीआरईएस के कार्यालय में पहुंच गए वहां पर मण्डल सचिव वी जी गौतम की उपस्थिति में दोनों ने हाथ मिलाकर इस मुद्दे को यहीं पर खत्म कर दिया।

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