शक के घेरे में स्टेशन डायरेक्टर कंचन,ट्रांसफर रुकवाने के लिए प्रकाशित करवाये अपने खिलाफ समाचार!

यदि इलाहाबाद के लिए अनफिट हैं कंचन तब फिर झांसी के लिए कैसे हैं फिट

इलाहाबाद/झांसी।अपना ट्रांसफर रुकवाने के लिए कर्मचारी क्या क्या नहीं करता,यह तो पहले से सर्वविदित है लेकिन अब अधिकारी भी इसी राह पर चलने लगे हैं। झांसी के स्टेशन निदेशक के पद से स्थानांतरित गिरीश कंचन के ऊपर अपने ही खिलाफ समाचार प्रकाशित कराने के आरोप उस वक़्त लगने लगे जब उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हुआ।
दरअसल पिछले कुम्भ मेले के दौरान कंचन इलाहाबाद में स्टेशन मैनेजर थे।उस वक़्त मची भगदड़ में कई तीर्थ यात्री असमय काल के गाल में समा गए थे।अब एक बार फिर उनको स्टेशन डायरेक्टर के पद पर वहां पदस्थ किया गया है। सूत्रों ने रेलवार्ता को बताया कि इस बार कंचन वहां जाना नहीं चाहते हैं।इसीलिए जिस दिन उनका स्थान्तरण आदेश आये उसी दिन वह इलाहाबाद कूच कर गए। इसके ठीक अगले दिन समाचार पत्रों में उनके ट्रांसफर से सम्बंधित खबरें प्रकाशित हुईं।
सूत्रों का कहना था कि इलाहाबाद में पोस्टिंग के दौरान उनके सम्बंध मीडिया से काफी अच्छे थे। इन्ही सम्बधों को उन्होंने अपने खिलाफ खबरें प्रकाशित करने के लिए इस्तेमाल किये,ऐसी चर्चा इलाहाबाद में आम हो गई।
सबसे बड़ी बात यह है कि यदि कंचन इलाहाबाद के लिए अयोग्य हैं तब फिर झांसी के लिए कैसे फिट हो सकते हैं? सूत्रों का दावा है कि उत्तर मध्य रेलवे जोन के अधिकारी उनको दूसरी जगह भेजने के बजाए एक बार झांसी में रखने की कोशिश कर रहे हैं।इसके लिए उनके खिलाफ प्रकाशित खबरों को आधार बनाया गया है।

 

 

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